विशेषज्ञ बतातें हैं, किसी एक तेल के बजाय बदल-बदलकर और काँम्बिनेशन में तेल यूज करना चाहिए। इससे शरीर को एक साथ जरूरी फैट्स मिल जाते
विशेषज्ञ बतातें हैं, किसी एक तेल के बजाय बदल-बदलकर और काँम्बिनेशन में तेल यूज करना चाहिए। इससे शरीर को एक साथ जरूरी फैट्स मिल जाते
बारीश राहत तो लाती है, लेकिन साथ ही लेकर आती है बीमारियां भी। थोडी-सी भी लापरवाही से सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार हो सकता है। ऐसे
‘हाई ब्लडप्रेशर, जिसके लक्षण प्रायः कम दिखते हैं, खुद में एक खामोश खतरा होता है जो कई तरह से सेहत को नुकसान पहुंचाता है। यह
वैज्ञानिकों के मुताबिक जो लोग अपने आहार में शहद का इस्तेमाल करते हैं, वे अवसाद और तनाव की गिरफ्त से बच सकते हैं। इससे
भगवान धनवन्तरि के कथनानुसार नींबू ऐसा फल है जो पांव के अंगूठे से लेकर सिर के बाल तक तन के अंदर, बदन के बाहर,
जैसे सही मसाले आपके खाने के स्वाद को कई गुना बढा देते हैं। ठीक वैसे ही मसालों की प्रकृति के बारे में सही जानकारी, कई
नवरात्री व्रत के दौरान सारा दिन एनर्जी से भरपूर बने रहने के लिए लोग की तरह के हेल्दी और पौष्टिक चीजों का सेवन करते
लम्बे समय तक बैठने से भी हमारे शरीर में कुछ ऐसे परिवर्तन होने लगते हैं जो कि हानिकारक होते हैं। भले ही हम इन
क्या आपके पैरों में नियमित रूप से सूजन रहती हैं? ऐसी स्थिती में आपको बेहद सचेत रहने की जरूरत है। पैरो में सूजन के कई
बहेडा: बहेडे का तेल मधुर, ठंडा, बालों के लिए हितकारी और वामु तथा पित्त को दूर करने वाला होता है। बिनौला: बिनौले के तेल में विटामिन
छोटी-छोटी बातों को भूलना आम तौर पर बहुत ही सामान्य बात होती है, और कई बार इसका कारण व्यस्तता या लापरवाही होता
हमारी अनमोल आंखें हर वक्त धूल, मिट्टी, धुंआ, धूप और कीटाणुओं का सामना करती रहती हैं। इस कारण एलर्जी का खतरा बढ
प्रत्येक युवा की यह तमन्ना होती है कि उसकी भुजाए बलिष्ठ हों और चेहरे से ज्यादा आकर्षण पूरे शरीर में दिखे। इसके लिए वे तरह-तरह
केला विटामिन सी, पोटेशियम, शक्कर और रेशा प्राप्ति का उत्तम स्त्रोत है। शोधकर्ताओं ने कई गंभीर बीमारियों, जैसे डिप्रेशन, हैंगओवर, अल्सर और स्ट्रोक आदि से
आमतौर पर नींद न आने के कई कारण है। पर मानसिक परेशानी ओर चिंता इसके मुख्य कारण होते हैं। आप अच्छी तरह से जानते-समझते हैं
मजबूत हड्डियां, बेहतर रक्त संचारण, अच्छी शारीरिक क्षमता और तंदुरुस्त बदन, यह नतीजा है नियमित कसरत करने का। सवाल जहां आकर्षक दिखने का हो, वहां
अमरूद में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। यह बालों को दो मुंहा होने से बचाता हैं। अमरूद, आयरन के अवशेषण में भी
हमारे शरीर में भोजन तथा प्रदूषण की वजह से बहुत सारी गंदगी अंदर जाती हैं। शरीर अच्छे से काम करें, इसलिए हमें गंदगी से
बदलती जीवनशैली के चलते अक्सर लोग रात में देर से भोजन करते हैं। इससे कारण हार्मोन्स का संतुलन बिगड सकता हैं। इसकी वजह से मोटापे
एसीडिटी पेट में उपस्थित गैस्ट्रिक ग्रंथियों व्दारा अतिरिक्त अम्ल के स्त्राव को दर्शाता हैं। पेट में उपस्थित हाइड्रोक्लोरिक एसिड पाचन तंत्र के समुचित कार्य
हाल ही में अमेरिका में संसारभर से कई वैज्ञानिकों के संयुक्त अनुसंधान से यह निष्कर्ष निकलकर आया है, कि जो लोग अपना वजन मेंटेन
चकित्सा-विशेषज्ञों ने स्वस्थ एवं नीरोग रहने के लिए व्यायाम को आवश्यक बताया है। व्यायाम से यदि शरीर को सन्तुलित नहीं किया गया, तो भविष्य
न्यकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हमें गाजर काटकर पकाने के बजाय पकाकट काटना चाहिए। इससे गाजर में कैंन्सर रोधी तत्त्व फैल्सेरिनॉल की मात्रा
दांतों का एक बहुत ही प्रचलित रोग है, पायरिया। यह रोग आधुनिक सभ्यता की देन है। डिब्बों में बंद खाद्य पदार्थ, शक्कर, मैदा, पालिश
चुकंदर प्राकृतिक शुगर का स्त्रोत होता है, इससे सोडियम पोटेशिअम, फॉस्फोरस, क्लोरीन ,आयेडिन, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर से खून
हार्ट अटैक का भय ! ना घबरायें….! सहज सुलभ उपाय…99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी रिमुव कर देता है पीपल का पत्ता। पीपल के 15
नवीनतम शोधो से यह सामने आया है कि, मधुमेह और हृदय रोगो का प्रमुख कारण है, निष्क्रिय जीवनशैली। इसी कारण भारत में मधुमेह और हृदय
एक दिन में 24 घंटे होते हैं। प्रकृति के अनुसार दिन का समय कार्य के लिए एवं रात्रि का समय विश्राम के लिए
नेगेटिव सोच शरीर को अस्वस्थ बनाती है। प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती है। सकारात्मक सोच शरीर को स्वस्थ और तनावमुक्त रखती है। ज्यादा सोचने
आयुर्वेद में जीवन रक्षक औषधियों की भरमार है। लेकिन पहचान, प्रयोग विधि और लाभ संबंधी पूरी जानकारी न हो पाने के कारण हम प्रायः इनकी
नई दिल्ली, विश्व हृदय दिवस दुनिया भर में हर साल 26 सितम्बर को मनाया जाता है। भारत में अब कम उम्र के लोग भी इस
देखने में छोटा और स्वाद में कसैला आंवला हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी फल है, इसे गुणों के कारण ही इसे अमृत फल
दिखने में छोटी मुनक्का बहुत ही गुणकारी है। इसमें वसा की मात्रा नहीं के बराबर होती है। यह हल्की, सुपाच्च, नरम और स्वाद में मधुर
INTRODUCTION The basic principle of Interferential Therapy (IFT) is to utilize the significant physiological effects of low frequency (<250pps) electrical stimulation of nerves without the
Even a minor pain like a headache or a pain due to some injury or sprain makes our life miserable even if it stays for
What is yoga therapy ? Yoga is and always has been a holistic healing discipline that offers a broad range of tools for supporting